Monday, April 12, 2010

आपके अन्दर ईश्वर का असीम बल छुपा है भैया ! आप डटे रहो अपनी निष्ठा में, अपने धर्म में, अपने कर्त्तव्य कर्म में। लगे रहो सत्कर्म में। अपनी निष्ठा छोड़ो मत।हिलाने वाली परिस्थितियाँ तो आयेंगी, पर तुम दक्ष रहो।शक्कर खिला शक्कर मिले टक्कर खिला टक्कर मिले।नेकी का बदला नेक है

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