बेटा तुम्हारा वारिस हो जाता है । पत्नी तुम्हारे शरीर से सुख की चाह करती है । पति तुम्हारे शरीर का मालिक होना चाहता है । परन्तु तुम्हारा कल्याण करने वाला कौन होता है भगवान और भगवान को प्राप्त महापुरुष ही तुम्हारा चित्त चाहेंगे संसार में कुछ भी मिल गया तो आखिर क्या?
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