Friday, May 7, 2010
ईश्वरीयविधान को नजानने से हीसारे दुःख दर्दआते हैं।। किसी भीव्यक्ति,वस्तु,प्राणी, पदार्थमें हम आबद्धहुए तोईश्वरीयविधान हमेंवहाँ से ऊपरउठाने के लिएविघ्न बाधाएँऔर दण्ड देकरभी सावधान कर देताहै। जो प्रेमपरमात्मा सेकरना चाहिए वहप्रेम अगरकिसी व्यक्ति,वस्तु, पद सेकिया तो ईश्वरीयविधान हमेंवहाँ से बलात्घसीट लेता है।अतः ईश्वरीयविधान कोसमझकर सहज मुक्तिके मार्ग परअग्रसर रहो।"
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