यह कौन सा उकदा है जो हो नहीं सकता ।
तेरा जी न चाहे तो हो नहीं सकता ॥
छोटा सा कीड़ा पत्थर में घर करे ।
और इन्सान क्या दिले दिलबर में घर न करे ॥
No comments:
Post a Comment